दर्दक दरख्त छौं
Dardak Darkhat Cho
पसा सब झड़ी गेन—
ए झंझावात मा,
जीणं कतना कठिन छ
ए पतझत-बरसात मा,
आँसू पुछण कूण भि--
नी क्वी साथ मा,
फल-फूल छ्याई जू,
उ दान करी एन ।
दर्दक दरख्त छौं,
फौंटा ना काटिन ।
ह्व सकल त थुड़ा--
प्यार बाँटिन।










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