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Vrat and Katha of "Angan Pujan and Vrat Vidhi and Katha" "अनंग पूजन व्रत की विधि एवं कथा " in hindi.


अनंग पूजन व्रत 
Angan Pujan and Vrat

(चैत्र शुक्ल एकादशी)


इस व्रत को चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी को करते हैं। इसे दमनक एकादशी तथा अनंग पूजन व्रत कहते हैं। इस दिन उपवास करना चाहिए। दमनक पौधे के पुष्प पूजने हेतु स्नानादि करके जल चंदन से दमनक की पूजा करें तथा प्रार्थना करें कि तुझे श्रीकृष्ण के पूजार्थ ले जाता हूं। ऐसा कहकर उसे साथ लेकर घर आकर पंचगव्य और शुद्ध जल से प्रक्षालन करके देवता के सम्मुख स्थापन करके उसी के साथ अशोक काल बसन्त काम व काम मात्र का गंध से पूजन करें। उसमें अनंग आवाहन का यह मंत्र है।

नमोऽस्तु पुष्पवाणाय जगदाह्लाद करिणे।'
मन्मथाय जगन्नेत्रे रति प्राप्ति प्रियापते।

अर्थात पुष्प बाणधारी जगत के मंगलकर्ता जगत के नेता (प्रेरक रति के प्यारे कामदेव को नमस्कार है। इसके पश्चात ओ३म् कामाय नमः। इस मंत्र से परिवार सहित कामरूप दमनक को गंध आदि उपचार (सामग्री) दें।


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