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Hindi Essay on "Kisi Mele ka Aankho Dekha Varnan", "किसी मेले का आँखों देखा वर्णन " for Students, Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for class 5, 6, 7, 8, 9, 10, 12 Exam.

किसी मेले का आँखों देखा वर्णन 
Kisi Mele ka Aankho Dekha Varnan

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-दिल्ली का प्रगति-मैदान-14 नवंबर से 30 नवंबर-खुशनुमा वातावरण। प्रगति मैदान का मुख्य द्वार-अनगिनत भीड़ से भरा द्वार-लंबी कतारें-मेले के अंदर एक पूरा नगर-अत्यंत भव्य, सजा-धजा, साफ-सुथरा। बड़े-बड़े भवन-उन पर अंकित प्रदेशों के नाम-दिल्ली, हरियाणा, केरल, बंगाल, उत्तर-प्रदेश आदि। चौड़े मार्गों में भीड़-ही-भीड़-सपरिवार भीड़-बाल-बच्चे-माता-पिता, स्कूल, कॉलेज, लड़के-लड़कियाँ कंधे-से-कंधा रगड़ती भीड़। कहीं उच्छृखलता नहीं, शरारत नहीं। मार्गों पर खाने-पीने की दुकानें। आधुनिक जीवन-स्तर की नई वस्तुओं का आकर्षक प्रदर्शन-नई मशीनें, नए उपकरण प्रदर्शन के साथ-साथ खरीदने के लिए भी उपलब्ध। करोड़ों-अरबों का व्यापार। कई रेस्तराँ, एक फव्वारों-भरा उद्यान-अनेक हरे-भरे लॉन। आनंद से भरा अनुभव।



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