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Hindi Essay on "Guru Purnima", "गुरु पूर्णिमा" for Students Complete Hindi Speech, Paragraph for class 5, 6, 7, 8, 9, and 10 students in Hindi Language

गुरु पूर्णिमा
Guru Purnima


गुरु पूर्णिमा का पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ (जून-जुलाई) के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 27 जुलाई 2018 को मनाया गया था। यह नेपाल में मुख्य रूप से हिन्दू, बुद्ध और जैन धर्म के लोग मनाते है। इस दिन गुरुओ, शिक्षको की पूजा और सम्मान किया जाता है। यह पर्व वर्षा ऋतु की शुरुवात में मनाया जाता है। मौसम बहुत ही सुखद होता है, न बहुत गर्मी  है न बहुत सर्दी। ऐसे सुहावने दिनों में गुरु और शिष्य एक साथ एकत्र होकर ज्ञान बढ़ाते है। शिष्यों को नई दीक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है।


यह दिन महाभारत ग्रंथ के रचयिता महर्षि वेद व्यास के - जन्मदिवस के रूप में भी मनाते है। इन्होने चारो वेदों की रचना भी की थी इसलिए आपको “वेद व्यास” के नाम से पुकारा जाता है। इनको सम्पूर्ण मानव जाति का गुरु माना जाता था। गुरु पूर्णिमा के दिन ही संत कबीर के शिष्य संत घीसादास का जन्मदिवस भी मनाया जाता है। इस दिन ही भगवान गौतम बुद्ध ने सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था। इस दिन ही भगवान शिव ने सप्तऋषियो को योग का ज्ञान दिया था और प्रथम गुरु बने थे। गुरु का हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। "गुरु" शब्द गु और रु शब्दों से मिलकर बना है। गु का अर्थ है अन्धकार और रु का अर्थ है मिटाने वाला। इस प्रकार गुरु को अन्धकार मिटाने ताला या अंधकार से प्रकाश में ले जाने वाला कहा जाता है।



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