Hindi Essays, English Essays, Hindi Articles, Hindi Jokes, Hindi News, Hindi Nibandh, Hindi Letter Writing, Hindi Quotes, Hindi Biographies

Hindi Essay on "Pustako ka Mahatva", "पुस्तकों का महत्त्व" for Students Complete Hindi Speech, Paragraph for class 5, 6, 7, 8, 9, and 10 students in Hindi Language

पुस्तकों का महत्त्व
Pustako ka Mahatva


पुस्तकों से हमें ज्ञान की प्राप्ति होती है। पुस्तकों के माध्यम से हम तरह-तरह की बातें जान सकते हैं। अच्छी पुस्तकें हमारे लिए बहुत लाभदायक होती हैं। इस प्रकार की पुस्तकों से हमें अच्छी और नई-नई बातों की जानकारी मिलती है, हमारा ज्ञान बढ़ता है। अच्छी पुस्तकें सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। मैं हमेशा अच्छी पुस्तकें पढ़ता हूँ।


वैसे तो मैंने बहुत सारी पुस्तकें पड़ी हैं, किंतु 'रामचरितमानस' ने मुझे अत्यधिक प्रभावित किया है। यह एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं वरन् साहित्यिक ग्रंथ भी है। प्रत्येक हिंदू इस ग्रंथ की देवता की तरह पूजा करता है। यह एक काव्य-ग्रंथ है, जो अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें चौपाई और दोहे हैं, जिन्हें गाया भी जाता है। इसके रचयिता गोस्वामी तुलसीदास हैं। हिंदी साहित्य में उनका उल्लेखनीय स्थान है। वे रामभक्त कवि थे। इस पवित्र पुस्तक ने मुझे इतना अधिक प्रभावित किया है कि मैं इसका वर्णन नहीं कर सकता। यह एक सरल पुस्तक है। इसकी भाषा सरल है। यह एक बहुमूल्य और आदर्श पुस्तक है। इस पुस्तक से हमें आध्यात्मिक ज्ञान, कर्तव्य-पालन, बड़ों का सम्मान तथा मुसीबत में धैर्य रखने की शिक्षा मिलती है।


प्रत्येक छात्र को अच्छी और शिक्षाप्रद पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। इससे विद्यार्थियों के चरित्र-निर्माण पर गहरा असर पड़ता है। इस पुस्तक को पढ़ने से धर्म के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। इसलिए मेरी दृष्टि में 'रामचरितमानस' बहुत ही अच्छी पुस्तक है। 'रामचरितमानस में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र का वर्णन है। राम एक आदर्श पुरुष थे। वे चौदह वर्ष तक लक्ष्मण व सीताजी सहित वन में रहे। वे एक आदर्श राजा थे। उन्होंने प्रजा की बातों को बहुत महत्त्व दिया। राम का शासनकाल आदर्शपूर्ण था, इसलिए उनका शासन 'राम राज' कहलाता था। सीता एक आदर्श नारी थीं। लक्ष्मण की भ्रातृभक्ति प्रशंसनीय है।



Post a Comment

0 Comments