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Hindi Essay on "Ab Pachtaye hot kya jab Chidiya chug gai Khet ", "अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत " for Students.

अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत 
Ab Pachtaye hot kya jab Chidiya chug gai Khet

यह कहावत समय की महत्त्वता को बयान करती है। हमारे द्वारा की गई छोटी सी लापरवाही हमें बहुत महंगी पड़ सकती है। समय पर किया गया कार्य हमें भविष्य की मुसीबतों से बचा सकता है। चीजों को कल पर छोड देने से व्यक्ति मसीबतों को बढ़ा देता है। यह कभी न भरने वाले समय तथा पैसे का नुकसान कर देता है। यदि एक कपड़े का टुकड़ा हल्का सा फट जाए तो उसे उसी समय ठीक कर देना चाहिए। नहीं तो धीरे-धीरे कपड़ा पूरा फट जाएगा तथा किसी योग्य नहीं रहेगा। यदि हम बीमार हो जाएं तो तुरन्त ही डाक्टर से सलाह करनी चाहिए तथा इलाज करवाना चाहिए। छोटी-सी लापरवाही गंभीर रूप ले सकती है। हर बुराई को छोटे रूप में ही खत्म कर देना चाहिए। छोटी उम्र में ही बच्चों की बूरी आदतों पर रोक लगा देनी चाहिए। माता-पिता को बच्चों की आदतों की ओर ध्यान देना चाहिए। यदि ध्यान न दिया जाए तो बच्चे बिगड़ जाते हैं। वे शीघ्र ही चोर, लुटेरे तथी खूनी बन जाएंगे। इसलिए बड़ा नुकसान होने से पूर्व ही, सही समय पर कार्य कर लेने चाहिए।




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