देसभक्त चयाँद
Desh Bhakt Chayand
दिलक घाव भन्न कुण वक्त चयांद।
देसक सासक क्वी रास्ट्र-भक्त चयाँद ।
आजादी ज्वा मिन्न छ, वा त मीलि ग्याई,
स्वदेसीयता कू अब तन मा रक्त चयाँद ।
साफ-सुथर सिद्धान्तूंक समग्र क्रान्तिन,
देस तै बणाण अब ससक्त चयाँद ।










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