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Hindi Essay on "Novel Padhne ki Aadat", "नावल पढ़ने की आदत " for Students Complete Hindi Speech, Paragraph for class 5, 6, 7, 8, 9, and 10 students in Hindi Language.

नावल पढ़ने की आदत 
Novel Padhne ki Aadat

नावल पढ़ना एक अच्छी आदत है। नावल मनोरंजन तथा जानकारी प्राप्त करने का अच्छा साधन है। चाहे ये कल्पनात्मक होते हैं किन्तु समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से सम्बन्धित होते हैं। ये विभिन्न विषयों पर आधारित होते हैं। नावल कई प्रकार के हो सकते हैं जैसे कि सामाजिक, ऐतिहासिक तथा मनोवैज्ञानिकी आदि। ये अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होते हैं। इसमें कई व्यक्तित्व दर्शाए गए होते हैं। कई किरदार होते हैं। कुछ हास्य, गंभीर तथा साधारण होते हैं। नावल पढ़ने से पहले हमें यह पता होना चाहिए कि यह किस काल में लिखा गया था।

लियो टोल्सोय, हार्डी, डिकन्स, जोर्ज एलिओट तथा जेन ऑस्टिन विश्व प्रसिद्ध नावलकार हैं। कुछ लोगों का कहना है कि नावल पढ़ना समय व्यर्थ करने के बराबर है। कुछ नावल कई दिनों तक खत्म नहीं होते। असलीयत यह है कि नावल पढ़ना एक अच्छी आदत है। यह हमें इतिहास की अनकही कहानियों से परिचित करवाते हैं। ये हमारे नजरिए को बड़ा तथा हमारी जानकारी में वृद्धि करते हैं।



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