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Hindi Essay on "Hame Hame Gaon me Rehna Chahiye ","क्या हमे गाँवों में रहना चाहिये" for Students Complete Hindi Speech, Paragraph for class 5, 6, 7, 8, 9, 10, 12 Examination.

क्या हमे गाँवों में रहना चाहिये
Hame Hame Gaon me Rehna Chahiye 


गाँव देश की रीढ़ की हड्डी हैं । हमारे देश को मद्देनजर रखकर गांधीजी ने कहा है - भारत गाँवों में निवास करता है । गाँवों से ही हम जीवनदायिनी शक्ति खाध्य बहुत मात्रा में पाते हैं। ग्रामीणों के श्रम के बिना नगरनिवासी मुश्किल में पड़ जायेंगे । इसलिए गाँव में रहना श्रेष्ट है और उन ग्राम्यजनों के कामों में हाथ बंटाना और भी श्रेष्ट है।


इस बात के सिवा कि ग्रामीण लोग शहरवालों को खाने की चीजों का उत्पादन करते हैं, विशेषकर ध्यान देने योग्य बात यह है कि उनका जीवन सरल और सहज है। चूंकि वे सादे जीवन बिताते हैं, इसलिए उनकी जरूरते बहुत कम हैं, शांत और ताजे वातावरण में शांति का जीवन गुजारा कर सकते हैं । ग्राम्य जीवन शहर की हलचल और भीडभाड से दूर कारखानों और वाहनों के प्रदूषणों से दूर शांत वातावरण में है जब कि शहरी लोग हलचल, भीडभाड और वायु प्रदूषण के शिकार हैं । स्वास्थ्य की दृष्टि से गांव में बसर करना हितकर है।


ग्राम्य जीवन और शहरी जीवन में ज्यादा फ़रक है । हरएक में भलाई भी है और बुराई भी । राजनीतिज्ञ और नेतागण ऊँची आवाज में पुकारकर कहते हैं कि हमें गाँवों में जाकर बसना है। यह भी सच है कि हर गाँव की उन्नति होनी चाहिये और यह भी सर्वविदित है कि कुछ गाँवों में जीवन ऐसा भी है जो होना नहीं चाहिये ।


आजकल गाँव अनपढ़ और नासमझ लोगों से भरा परा है। ग्रामीणों को अपने लिए न्यूनतम आवश्यक्ता की जानकारी भी नहीं और वे उनतक पहुँच से भी बाहर हैं। वे लोग अज्ञान, अंधविश्वास और वर्षों परानी करीति रिवाजों के गड्ढे में सड़े हुए हैं। उन्हें उन्नति की ओर ले जाने के लिए तत्पर रहने पर भी, आधुनिक जीवन शैली अच्छी होने पर भी गांव के लोग सुखी जीवन के लिए आधुनिक साधनों को अपनाना नहीं चाहते । कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों की बातें भी नहीं सुनते और दूसरों के विचारों का आदर भी नहीं करते । बाहर के लोगों को उनके बीच रहने भी नहीं देते । ऐसे वातावरण में बाहर का आदमी गाँव में रहना पसन्द करे तो बेकार की बात है। 


इसके अलावा, आजकल गाँव में जीवन पहले जैसा नहीं । आजकल ग्रामीण लोग लगभग सभी आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से, आधुनिक आविष्कारों से परिचित हैं । शहरी जीवन ने गाँव के जीवन पर अपनी धाक जमा रखी है। अगर हम किसी गांव में जायें तो वह गाँव नहीं दीख पडेगा, बल्कि एक छोटा शहर सा लगेगा । बिलकुल एक शहरी जीवनका अनुभव करेंगे।




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