हमरी पुकार 
Hamri Pukar



उत्तराखंडवासी धै लगाण छौं हम । 

भौत हवे ग्याई हम पर जुल्मोसितम । 

क्य बताण तुम तै कन-कन सैन गम। 

फट्याँहाल सदानि रे ग्यवाँ हम। 

रामपुर तिराह पर बलात्कार ह्वाई। उ

त्तराखंड तै गोल्यून चाल बणाई। 

खटीमा-मसूरी मा भि खैन हमन गोली। 

जालिम सरकार तेरौ जल द्यूला होली। 

हे गगा-हिमालय ! तू ह वेलू भव-भाव्यम् । 

हम लेक रौला उत्तराखंडराज्यम् । 

सरकल ना पैथर, उठ्याँ जू कदम । 

जन्मभूमिक वास्ता करला सरकलम । 

हम तै हमरी सरजमीं की कसम । 

चुप बैठ्यू नि रण जब-तक छ दम । 

व्वाला सब का सब वन्देमातरम् । 

हम लेक रौला उत्तराखंड राज्यम् ।।