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7 Lines on "Jab Aave Santosh Dhan", "जब आवै संतोष धन ", for Students, Complete Hindi Essay, Paragraph, Speech for class 5, 6, 7, 8, 9, 10, 12 Exam.

जब आवै संतोष धन सब धन धूरि समान 

Jab Aave Santosh Dhan



विचार-बिन्दु- 


1 अनेक प्रकार के धन है 

2 सांसारिक धन तृष्णा जगाते हैं 

3 जीवन में अशांति आती है 

4 संतोष रूपी धन से जीवन सुखी हलचल शांत 

5 मन निश्चित 

6 आनंद की प्राप्ति 

7 कर्म-फल में संतोष-सुख खोजना आवश्यक। 

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